आज का पाठ 23.8.2020
जय गुरुदेव
गुरु महाराज जी की कृपा से और गुरू माँ जी को प्रेरणा से 23.08.2020 तक 339855चौपाइयों का पाठ हुआ।
राम सिंधु घन सज्जन धीरा।
चंदन तरु हरि संत समीरा॥
सब कर फल हरि भगति सुहाई।
सो बिनु संत न काहूँ पाई॥
भावार्थ
श्री रामचंद्रजी समुद्र हैं तो धीर संत पुरुष मेघ हैं। श्री हरि चंदन के वृक्ष हैं तो संत पवन हैं। सब साधनों का फल सुंदर हरि भक्ति ही है। उसे संत के बिना किसी ने नहीं पाया॥
आपने सिर्फ चौपाई का पाठ करना है। इसका अर्थ आपको समझने के लिये दिया गया है। इसका पाठ का हम सब अपने अपने घर से करेंगे। जो जितना पाठ कर सकेगा हर रोज 3 अगस्त से 31अगस्त तक शाम 9 बजे तक ग्रुप में मैसेज करके बतायेगा कि उन्होंने कितना पाठ किया। फिर जालन्धर आश्रम में गुरु महाराज जी से 1सितम्बर 2020 को सुबह 9बजे गुरू माँ जी सब की सेहत की खुशहाली की अरदास करेंगे।
गुरू महाराज जी आप सब को तंदरुस्ती प्रदान करें
आप सब गुरुभाई बहन का बहुत बहुत धन्यवाद
जय गुरुदेव
सियापति राम चंद्र महाराज जी की जय
जय श्री राम
पवनपुत्र हनुमान की जय
जय माता दी
बाबा भरतदास महाराज जी की जय
बाबा मोहनदास महाराज जी की जय
गुरू माँ सोमा देवी जी की जय
🙏🙏

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